Siddhant Chaturvedi ने हाल ही में खुलासा किया कि वे शुरू में CA की पढाई कर रहे थे और एक्टर बनने के बारे में बात तक नहीं कर सकते थे। हालाँकि…
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी (Siddhant Chaturvedi) जल्द ही फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ नजर आने वाले है। इस फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर लीड रोल में है। ये दोनों कलाकार इन दिनों जोरों-शोरों से इसी फिल्म के प्रमोशन में लगे है। वहीं अब सिद्धांत चतुर्वेदी ने बताया कि अपने करियर की शुरूवाती दिनों में वे एक अभिनेता बनने के बारे में बात भी नहीं कर सकते थे और वे एक चार्टेड अकाउंटेंट की पढ़ाई कर रहे थे।
CA की पढ़ाई कर रहे थे Siddhant Chaturvedi
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दरअसल हाल हो में Siddhant Chaturvedi ने अपनी 18 साल पुरानी तस्वीर शेयर की है। ये फोटो उनकी स्कूल फेयरवेल के दौरान की है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “2008, स्कूल फेयरवेल। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि 18 साल बाद लाइफ में क्या होगा और मैं अभी भी अपने लक्ष्य के पीछे भाग रहा हूँ। मुझे एक ऐसे सपने को पूरा करने के लिए कुछ आत्मविश्वाश मिला, जिसके बारे में मैं बात भी नहीं कर सकता था- एक एक्टर बनने का सपना।”

ऑडिशन के लिए घंटो लाइनों में खड़े रहते थे Siddhant Chaturvedi
Siddhant Chaturvedi ने आगे लिखा, “एक ऐसी क्लास में जहां बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अंतरिक्ष यात्री बनना का सपना देखते थे, मैंने चुपचाप अपनी भावना को एक ऐसे जवाब के नीचे छिपा लिया जो इतना लाउड था कि उसे शेयर करना असंभव था। CA छोड़ने से लेकर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े रहने, कभी भी हार न मानने से लेकर आज भंसाली सर के बैनर तले काम करने तक। यह एक ऐसा सफर रहा है, जिसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करना तो बनता है।”

बहुत लोगों ने साथ छोड़ दिया- Siddhant Chaturvedi
एक्टर ने आगे लिखा, “बहुत लोग जुड़ गए इस जर्नी में और बहुत ने बीच रास्ते भरोसा छोड़ दिया। लेकिन उन पर कुछ भी नहीं, क्योंकि मेरे सपनों का भार सिर्फ मेरा है, जिसे केवल मैं और जिस तकिए पर मैं सोता हूँ, वही उठा सकते है। मैंने निडर होकर फैंसले लिए है और हर किरदार को पुरे समर्पण भाव से निभाया है… लेकिन महानता के सपने को आज भी संजोए रखा है। कुछ लोग इसे अहंकार कहते है, कुछ घमंड कहते है लेकिन मैं इसे अपने सपने की रक्षा करना कहता हूँ।”

चलो इतिहास लिखते है…
Siddhant Chaturvedi ने आगे लिखा, “यह पोस्ट उन सभी सपने देखने वालों के लिए है, जिन्हे लोग कभी-कभी भृमित कहते है। लोग आपसे तब प्यार करेंगे, जब यह उनके लिए सुविधाजनक होगा और ये लोग तब आपको छोड़ देंगे जब यह मुश्किल होगा। लेकिन आप बस इतना कर सकते है कि आप उस चीज पर फोकस करें, जिसे आप कंट्रोल कर सकते है। आप अपने उस काल्पनिक सपने की रक्षा करें, तो चलो कहानी नहीं इतिहास लिखते है।”
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