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‘मैंने कभी खुद को खूबसूरत नहीं पाया…’, Zeenat Aman ने आखिर क्यों कही ये बात 

Zeenat Aman

Zeenat Aman ने हाल ही में अपनी एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने  कभी भी खुद को खूबसूरत नहीं समझा। एक्ट्रेस ने कहा…

दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान (Zeenat Aman) ने हाल ही में एक पोस्ट शेयर करते हुए अपनी सुंदरता को लेकर बात की है। जीनत ने बताया कि उन्होंने कभी भी खुद को खूबसूरत नहीं समझा। एक्ट्रेस ने इसके पीछे के कारण भी बताया है।

आखिर खुद को खूबसूरत क्यों नहीं समझती Zeenat Aman

दरअसल हाल ही में जीनत अमान ने अपनी जवानी के दिनों की एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, “कभी-कभी मैं अपनी कोई पुरानी तस्वीर देखती हूँ और सोचती हूँ कि तुम इतनी बुरी भी नहीं दिखती थी मिस अमान। और अगर अब मैं ये शब्द जोर से कह दूँ, तो मेरे आसपास तीनों मिलेनियल्स में से जो भी होता है, वो अक्सर नाराजगी से कराह उठता है और आँखें घुमा लेता है।”

“यह सच है कि मैंने कभी भी खुद की खूबसूरत नहीं पाया लेकिन मैंने ये स्वीकार करना जरूर सीखा की दूसरे लोग खूबसूरत थे। मैंने हाल ही में एक शब्द ‘प्रीटी प्रिवलेज’ सुना और भगवान का शुक्र है कि मैंने अपने प्रिवलेज का पूरा इस्तेमाल किया। दुनिया एक कोल्ड जगह हो सकती है और मैंने कम उम्र में ही सीख लिया था कि इसमें टिके रहने के लिए हर संभव सुविधा का फायदा उठाना चाहिए।”

सुंदरता के एहसास से ज्यादा सुंदरता के प्रदर्शन में खो गई…

एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “ऐसी बात कहना बेहद आत्म-मुग्धतापूर्ण लगता है। आखिरकार मैंने एक सौन्दर्य प्रतियोगिता जीती, देश के सबसे प्रतिष्ठित डायरेक्टर ने मुझे लीड एक्ट्रेस के रूप में चुना और मुझे एक s*x सिंबल के रूप में सराहा गया। इसलिए मैं ये नहीं कह सकती कि मैं अपनी शारीरिक बनावट को पूरी तरह से क्यों नहीं अपना पाई।”

“शायद मैं सुंदरता के एहसास से ज्यादा सुंदरता के प्रदर्शन में खो गई। या शायद अपने रंग-रूप पर इस तरह से सार्वजानिक रूप से जोर देने से उसका भावनात्मक आत्म-सम्मान कम हो गया। या फिर मुझे घमंडी होने का डर था और मुझे लगा कि खुद को बहुत ज्यादा खूबसूरत समझना बहुत ज्यादा घमंड और भोग-विलास है। ज्यादातर यह इन्ही सभी बातों का मिला-जुला असर है और कुछ और भी।”

आत्म पुष्टि के बिना निरर्थक है शारीरिक सुंदरता- जीनत

जीनत ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “ऐसा नहीं है कि मेरे पास सुंदरता के कोई असंभव और टफ-स्टैण्डर्ड थे। मैं अपने आस-पास हर समय खूबसूरत लोगों को देखती हूँ… लेकिन यकीन मानिए ये लोग भी खुद को खूबसूरत नहीं समझते। हर तारीफ का जवाब किसी न किसी शारीरिक कमी की और जाता है। मुझे यकीन है कि आप भी ऐसा करते होंगे।”

“इससे मुझे फिर से ये विचार आता है कि शारीरिक सुंदरता चाहे कितनी भी व्यापक रूप से स्वीकृत क्यों न हो, आत्म पुष्टि के बिना निरर्थक है। तो अगर आप सचमुच खूबसूरत महसूस करना चाहते है तो अपने मन से बाहर निकलिए और खुद को ऐसे व्यक्ति के नजरिए से देखिए जो आपसे प्यार करता है। उम्मीद है कि तब आपको अपनी रोशनी दिखाई देगी और आप समझ पाएंगी कि कोई भी क्रीम, कोलेजन या फेसलिफ्ट प्यार और स्वीकृति के चश्मे का मुकाबला नहीं कर सकती।”

 

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